मणिपुर में लोगों की भावनाओं का उड़ाया मजाक आज की ताजा खबर

3 महीने से चल रही मणिपुर में हिंसा वादी के चलते लोगों के स्वभाव कहानी कुछ आते हुए उनका उड़ाया गया मजाक वहां तक नहीं उन लोगों पर अत्याचार भी किया जा रहा है

मणिपुर में लोगों की भावनाओं का उड़ाया मजाक

3 महीने से सुन रहे हैं

बताया जा रहा है कि 3 महीने से चल रही मणिपुर में हिंसा वादी के चलते लोगों के स्वभाव कहानी कुछ आते हुए उनका उड़ाया गया मजाक वहां तक नहीं उन लोगों पर अत्याचार भी किया जा रहा है जिसे देखकर तो आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे और मणिपुर सराय हमारी बहनों की वीडियो ने सारे इंडिया को शर्म कर दिया जो नहीं होना था मणिपुर में वही आज हो रहा है लेकिन कोई उन पर फैसला नहीं ले रहा है हम  लोगों के घर जलाए जा रहे हैं लोगों के साथ उनका हो रही है लेकिन कोई भी हमारा साथ देने वाला नहीं था लेकिन जब सबसे बड़ी खबर मणिपुर से 19 जुलाई को जब यह वीडियो सोशल मीडिया के सामने आया तो हमारी सोशल मीडिया और उससे जुड़े सारे नेताओं और राज्य के मुख्यमंत्रियों का सबका सर शर्म से झुक गया इतना देखा जा रहा है कि हमारे ही लोगों में और हमारे ही देश में इतनी हिंसा हो रही है लेकिन फैसला और उंगली उठाने वाला कोई नहीं सामने आ रहा आखिर कौन है इस दहशत के पीछे आखिर क्यों पुलिस फैसला क्यों नहीं दे रही है आखिर कोर्ट इस पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा/आखिर की सोशल मीडिया कहां हुई थी जो सेल्फी सीमा हैदर की एक स्टोरी के पीछे ही उसने सारी मेहनत ही बर्बाद कर आखिर उस सोशल मीडिया को यह नहीं दिखा मणिपुर में 4 जुलाई को जो हुआ एक्जिमा हैदर जो सिर्फ एक पब्जी खेल कर हमारे इंडिया में आए पाकिस्तान से पोस्ट पर आखिर इतना ध्यान किया जा रहा है आखिर सोशल मीडिया की आंखें कैसे बंद हो सकती हैं उन्हें 4 जुलाई मैं मणिपुर में जो हुआ को क्यों नहीं दिखाई दे रहा जब 19 जुलाई को वीडियो कक्षा की आंखें खुली की खुली रह./

इस घटना पर बात करेंगे साथ ही समझने की कोशिश करेगी कि आखिर क्योंकि के 3 महीने से मणिपुर हिंसा रुकने का नाम नहीं है इंसान के पीछे क्या है इस घटना पर बात करेंगे साथी यह समझने की कोशिश करेगी क्या क्योंकि 3 महीने से बॉलीवुड में हिंसा रुकने का नाम नहीं है सरकारें इस हिंसा पर काबू नहीं कर पा रहे हैं चलो आज हम जानते हैं मणिपुर से जुड़ी एक एक बार क्यों हो रहा था यह सब और कब तक होता रहेगा

 

मणिपुर में लोगों की भावनाओं का उड़ाया मजाक
मणिपुर में लोगों की भावनाओं का उड़ाया मजाक
मणिपुर में यह सब क्यों किया गया 

मणिपुर से जुड़ी बातों को विस्तार से जानने से पहले हम उनकी कुछ इंपॉर्टेंट जानकारियां बारे में जान लेते हैं जिनके बारे में जानना बेहद जरूरी मणिपुर में कुल 3 जातियां थी एक तरफ मेथी है जो कि हिंदू धर्म को 55% लेकिन किस जाति को आजादी के बाद एक अनुसूचित जाति का दर्जा दिया है और एक तरफ देखा जाए मिठाई मणिपुर के 10 परसेंट भारत पर रहती है और 2 जातियों के बारे में जो पहली जाति आती है नागा जाति और को की जाति औरतों की जनजाति ईसाई धर्म से आती है यह मणिपुर के कुल 90 प्रतिशत भाग पर अपने निवास करती हैं जो कि एक पहाड़ी इलाका है बताया जा रहा है कि मेथी जनजाति को अपने ही निवास पर जमीन खरीदने का अधिकार नहीं था जिसे लेकर 3 महीने से चल रही हिंसा और अपराध जो कि इस के इस संबंध में है ओके

 

मेथी जनजाति का असली चेहराIndia

जब मेथी जनजाति को अपना अधिकार ना मिलने पर उस जनजाति में 3 महीने अपनी मेहनत से अधिकार पाने का  पूरी कोई कोशिश करें लेकिन वह नाकाम और कुकी और नागा जनजाति और अन्य जनजातियों को यह बात सहमत हैं 19 अप्रैल को जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा जब मैसेज यादों में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि हमें कि हमें 10 साल केंद्रीय मंत्री जनजातियों का पूरी जानकारी पेश करें और इस जानकारियां मेथी जनजाति को एक जनजाति समुदाय का दर्जा देने की बात कही गई लेकिन यह बात को कि समाज और अन्य जनजातियों को और हाईकोर्ट में जो मामला चल रहा था वह सुप्रीम कोर्ट को सौंप दिया गया बताया गया कि वह पहले से ही नौकरियों में उनका दबदबा रहा है और 40 से 60% विवाह विधायक जी समाज से आते हैं अगर ऐसे में अगर तूने जनजाति का दर्जा दिया गया तो यह लोग पहाड़ों पर जमीन खरीदना शुरू कर देंगे और होगी ओके समाज हांसी चला जाएगा

इसी को लेकर 3 मई को एक रैली निकाली गई देखते ही देखते रेडी हिंसक हो गई कुकी जनजाति पर हमला किया और यह मामला और ज्यादा बढ़ता चला गया और चाचू में जब आग लगी और 2000 से ज्यादा लोगों को टारगेट किया गया जिसमें कि 98 लोग मारे गए और 310 चोटीले है जिसके चलते समाज में यहां से जाने जिसके चलते गर्भवती महिलाओं को भी यहां से चलना मुश्किल हो गया और जिसमें कुछ बच्चे तो पानी में बह गए और आगे मारे गए पिछले 80 दिनों में फैली हिंसा टोटल लोग 150 मारे गए 5000 से ज्यादा लोग तो बहन हो गए और जिसमें कि 7000 लोग गिरफ्तार किए गए और हिंसा की 600000 वारदातें हुई हैं शिव पैलेस में रहने के लिए राहत मिली है देखते ही देखतेपंजाबी ने धार्मिक रूप धारण कर दिया India

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